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मगरू महादेव

                                                                                           मगरू महादेव

मण्डी नगर से मगरू महादेव स्थल, छतरी के लिए करसोग तथा जंजैहली होकर पहुंचा जा सकता है। मगरू महादेव मंदिर का निर्माण काष्ठकला के नमूने के रूप में विश्व विख्यात है। शिवरात्रि मेले में देवता साथ आने वाले बजंत्री सबसे प्राचीनतम वाद्ययंत्रों के साथ शिवरात्रि मेला की शोभा बढ़ाते हैं। यह देवता दिनांक 12.02.2015 को अपने मूल स्थान से चलेंगे और शाम को बेयला जंजैहली में रुकेंगे और दूसरे दिन 13.02.2015 को बगस्याड और थुनाग के बीच में कुराणी में रुकेंगे।  दिनांक 14.02.2015 और  15.02.2015 जगोही सेगली रुकेंगे और 16.02.2015 को बैहना में जो मण्डी से 6 किलोमीटर की दूरी पर है और 17.02.2015 को 3 – 4 बजे सांय श्री माधोराय जी के समक्ष हाजरी भरेंगे तथा बेहड़े में चले जायेंगे।